BEP (Basic Education Policy) || बेसिक शिक्षा परियोजना

बेसिक शिक्षा परियोजना क्या है? (What is BEP)

बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP) का संचालन राज्यवार किया गया । प्रत्येक राज्य शिक्षा का सार्वभौमिकरण करने के  लिए बेसिक शिक्षा परियोजना का क्रियान्वयन करता है।  यह परियोजना 14 वर्ष ‘तक के  सभी बालकों को अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के  लिए आयोजित की गई।  इसी परियोजना के तहत पिछड़े  बालकों तथा महिलाओं को विशेष रूप से केंद्रित  किया गया है । जिससे इनका सशक्तीकरण किया जा सके। 

शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश के दस जिलों में बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP) के लिए वित्तीय सहयोग हेतु विश्व बैंक से संपर्क किया । परियोजना का मुख्य लक्ष्य जिले में बुनियादी शिक्षा का पुर्ननिर्माण करना है । यह परियोजना बालिकाओं तथा समाज के  कमजोर वर्गों की आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित  करती है। इस परियोजना में राष्ट्रीय नियंत्रण इकाई की परिकल्पना की गई।  उ.प्र. बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP) 5 अक्टूबर 1993 से प्रभावी था। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 550 करोड़  है। इस योजना को वाराणसी, इलाहाबाद, बांदा, इटावा, सीतापुर, अलीगढ़, सहारनपुर, गोरखपुर, पौड़ी तथा नैनीताल जिलों में लागू किया गया । 

बेसिक शिक्षा परियोजना के अंग (Parts of BEP)

1)संस्थागत क्षमता में वृद्धि –

इसके अन्तर्गत राज्य, जनपद एवं स्थानीय स्तरों पर नियोजन एवं प्रबन्धन सहयोग प्रदान करने वाली इकाइयों की स्थापना  करके पूरे राज्य के 6-14 वर्ष के शत प्रतिशत बालकों का नामांकन समुचित शिक्षा के लिए सभी विद्यालयी सुविधाओं का नियोजन एवं प्रबन्ध करना था इसका प्रमुख आयाम सक्रिय सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करना था।

2) गुणवता में सुधार एवं पूर्णता-

इसके अन्तर्गत पाठ्यक्रम एवं पाठ्यपुस्तकों का संशोधन करना शिक्षकों को सुविचारित प्रशिक्षण प्रदान करना। नवाचार तथा संकल्पनाओं से परिचित कराना, अविकसित छात्रों व छात्राओं की शिक्षा की व्यवस्था करना एवं नियमित अनुश्रवण व सतत् मूल्याकन करना सम्मिलित था ।

3) बेसिक शिक्षा तक पहुँच में सुधार –

इसके अन्तर्गत जनपदों में बेसिक शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से असेवित क्षेत्रों में प्रारम्भिक विद्यालयों की स्थापना तथा शिक्षा केन्द्रों  को संचालित करना इसका लक्ष्य था एवं समाज के विशिष्ट वर्ग के बालकों के लिए शिक्षा की व्यवस्था करना ही मुख्य उद्देश्य था।

बेसिक शिक्षा परियोजना के उद्देश्य (Objectives of BEP)

1)विद्यालय सुलभ कराना-

इस योजना के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों या वैकल्पिक शिक्षा केन्द्रों को 300 की आबादी तथा डेढ़ किमी. की दूरी पर खोलना सुनिश्चित किया गया है।

2)नामांकन-

6 से 11 वर्ष के सभी बालक तथा बालिकाओं का वर्ष 2006 तक विद्यालयों में नामांकन कराना।

3) उपलब्धि प्राप्त करना-

विद्यालयों में नामांकित बच्चों में न्यूनतम व अधिकतम स्तर की शिक्षा-सतत् शिक्षा की सुविधा लगभग 5000 की ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्र में प्रदान करना।

4)बेसिक  शिक्षा परियोजना (BEP) के अन्य  उददेश्य 

  • 6-14 वर्ष तक के सभी बालकों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना।
  • प्राथमिक शिक्षा में अपव्यय  तथा अवरोधन को समाप्त करना।
  • वंचित वर्ग तथ्या बालिकाओं को लाभान्वित करना
  • प्राथमिक विद्यालयों के नामांकन में बढ़ोत्तरी करना।
  • शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना।

बेसिक शिक्षा परियोजना के कार्य (Functions of BEP)

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP) के कार्य निम्नलिखित हैं-

1) प्रबन्धकीय व्यवस्था-

बेसिक शिक्षा की प्रबन्धकीय व्यवस्था के लिए राज्य स्तर पर राज्य परियोजना परिषद्, जनपद के स्तर पर जिला शिक्षा परियोजना समिति, विकास खण्ड पर ब्लॉक शिक्षा समिति एवं ग्रामीण स्तर पर ग्राम शिक्षा समिति का गठन किया गया।

2) अकादमिक व्यवस्था-

इसके अन्तर्गत राज्य स्तर पर राज्य शैक्षिक प्रबन्धन तथा प्रशिक्षण संस्थान (सीमेट) जनपद स्तर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) विकास खण्ड स्तर पर ब्लॉक संसाधन केन्द्र (बी.आर. सी.) एवं न्याय पंचायत स्तर पर न्याय पचायत संसाधन केन्द्र (एन.पी.आर सी.) की स्थापना की गई।

बेसिक शिक्षा परियोजना के कार्यों का क्रियान्वयन (Implementation of BEP Work)

बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP) के प्रस्तावित कार्यो का क्रियान्वयन निम्नलिखित है-

|) संस्थागत क्षमता में वृद्धि करना-

इसके अन्तर्गत राज्य, जनपद एवं स्थानीय स्तर पर विभिन्न इकाइयों के माध्यम से पूरे राज्य के 6-14 आयु वर्ग के शत-प्रतिशत् बच्चों का नामांकन करना तथा विद्यालयी सुविधाओं का नियोजन तथा प्रबन्धन करना शामिल है।

2) विभिन्न संस्थाओं की स्थापना-

राज्य शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशिक्षण संस्थान के अन्तर्गत शैक्षिक प्रबन्धन को ध्यान में रखते हुए एक अलग संस्थान की स्थापना की गई।

3) शैक्षिक गुणवत्ता का उन्नयन-

प्रत्येक जिले में शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थाओं के अन्तर्गत पाठ्यक्रम तथा पाठ्यपुस्तको का संशोधन करना एवं शिक्षकों को प्रशिक्षित करके शिक्षा के स्तर में सुधार लाना है।

4) सूक्ष्म स्तर तक कार्यान्वयन-

विकास खण्ड एवं न्यायपंचायत के अन्तर्गत सूक्ष्म योजना का सूक्ष्म स्तर तक कार्यान्वयन और अनुश्रवण करने के लिए विकास खण्ड तथा न्यायपंचायत स्तर पर यह योजना शैक्षिक सन्दर्भ केन्द्र के रूप में संचालित की गई।

5) अधिगम सम्प्राप्ति में गुणवत्ता-

इसके अन्तर्गत पाठ्यक्रम अध्ययन सामग्री का निर्माण एवं शिक्षण अधिगम का निर्माण प्रस्तावित है जो कि अधिगम की सम्प्राप्ति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

6) मूल्यांकन तकनीकी विकास-

मूल्यांकन तकनिकी की नवीन प्रविधियों को विकास योजना के कार्यान्वयन के पहले शैक्षिक सम्प्राप्ति की जानकारी के लिए आधार लाइन सर्वेक्षण एवं सतत् मूल्यांकन की व्यवस्था, क्रमोत्तर विकास की व्यवस्था करना।

7)शिक्षा केन्द्रों की स्थापना-

बालिका शिक्षा के लिए छात्राओं के शत-प्रतिशत् नामांकन एवं क्षेत्रीय  आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षा केन्द्रों की स्थापना, शिशु शिक्षा केन्द्रों की स्थापना का विकास-मूल्यांकन तकनीकी की नवीन प्रविधियों को तथा बालिका शिक्षा के उन्नयन के लिए प्रयास करना था।

बेसिक शिक्षा परियोजना के घटक (Components of BEP)

बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP) निम्न तीन घटकों को सम्मिलित करती है-

।) राज्य एवं जिला स्तर की योजना, प्रबंधन तथा व्यावसायिक संगठन के मजबूत ढांचे की स्थापना द्वारा 10-15 वर्षीय राज्यव्यापी बेसिक शिक्षा विकास कार्यक्रम की योजना प्रबंधन तया मूल्यांकन करने के लिए संस्थागत क्षमता का निर्माण।

2) समुदाय की भागीदारी को सशक्त करने प्रारम्भिक शिक्षा पाठ्यचर्या  एवं पाठयपुस्तक समीक्षा, इन-सर्विस ट्रेनिंग, महिलाओं तथा बालिकाओं के लिए लक्षित कार्यक्रमों तथा विद्यालय प्रबंधन को सशक्त करने के लिए दस जिलों में गुणवत्ता और पूर्णता में सुधार करना। 

3) लक्षित दस जिलों में अतिरिक्त प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण द्वारा बेसिक शिक्षा तक पहुँच में सुधार तथा औपचारिक विद्यालय में भाग लेने में समर्थ बालकों के  लिए गैर-प्राथमिक कक्षाओं में नए कार्यक्रम के  कार्यान्वयन को समर्थन प्रदान करना । 

यह भी पढ़ें

NCF 2005 In Hindi (राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा )

बेसिक शिक्षा परियोजना के परिणाम (Results of BEP)

बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP) के  परिणाम को निम्न प्रकार स्पष्ट कर सकते हैं”

1)परियोजना का आकलन अत्यन्त संतोषजनक है । इसके अनुसार संस्थागत विकास प्रभावपूर्ण रहा । 

2) बैंक द्वारा दिए गए कर्ज तथा परियोजना के  लचीलेपन का सरल मूल्यांकन किया गया है । 

3) शैक्षिक सुधार हेतु शिक्षक सहायता संरचनाओं की स्थापना तथा संस्थानों को सशक्त किया गया।

4) शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के  साथ-साथ विद्यालय नामांकन में वृद्धि हुई है। 

5) चयनित जनपदों में प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना की गई । 

6) अनौपचारिक शिक्षा केंद्रों की स्थापना की गई । 

बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP) का सारांश 

इस परियोजना का संचालन राज्यवार किया गया यह परियोजना 14 वर्ष तक के सभी बालकों को अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिए आयोजित की गई  इसी परियोजना के तहत पिछड़े बालकों तथा महिलाओं को विशेष रूप से केंद्रित किया गया है। जिससे इनका सशक्तीकरण किया जा सके। परियोजना का मुख्य लक्ष्य जिले में बुनियादी शिक्षा का पुनर्निर्माण करना है। इस योजना को वाराणसी, इलाहाबाद, बाँदा, इटावा, सीतापुर, अलीगढ़, सहारनपुर, गोरखपुर, पौड़ी तथा नैनीताल जिलों में लागू किया गया ।

बेसिक शिक्षा परियोजना के महत्वपूर्ण प्रश्न (Important Questions of BEP)

1)बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP) के कितने महत्वपूर्ण अंग हैं? 

a)2

b) 5

c) 3

d) 4

उत्तर – (c)

2) बेसिक शिक्षा परियोजना (BEP) किस आयु वर्ग के बच्चों के लिए निर्धारित है 

a)0-6 वर्ष 

b) 6-14 वर्ष 

c) 8-12 वर्ष 

d) 6-12 वर्ष 

उत्तर -(b)

3) बेसिक शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है 

a)उत्तम नागरिक का विकास करना 

b) चरित्र का निर्माण करना 

c)पढ़ाई का स्तर बढ़ाना 

d) इनमें से कोई नहीं 

उत्तर -(c)

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Sneha Katiyar

My name is Sneha Katiyar. I am a student. I like reading books

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